Bhakti kaal ki visheshta bataye. यहाँ भक्तिकाल के प्रमुख संत कवि और उनकी रचनाओं के साथ Bhakti Kaal (भक्तिकाल - Devotion Period) was a period from 1375 to 1700 in the history of Hindi language in which, Bhakti (devotion) movement had an great influence on the development of Hindi मध्यकालीन भारत के सांस्कृतिक इतिहास में भक्ति आन्दोलन एक महत्वपूर्ण पड़ाव था। इस काल में सामाजिक-धार्मिक सुधारकों द्वारा समाज में विभिन्न तरह से भक्तिकाल, भक्ति काल, भक्तिकाल के कवि, bhakti kaal ke kavi, bhakti kaal ki do visheshtae, bhakti kaal, bhakti kaal ka granth, भक्ति काल (पूर्व मध्यकाल) aadikal ki visheshtayen 6- अहिंसा पर बल- इस युग के कवियों ने हिंसा का विरोध किया है। वे मानव ही नहीं बल्कि समस्त प्राणी जगत के हिंसा के खिलाप हैं। Bhakti Kaal Hindi Sahitya या पूर्व मध्यकाल हिंदी साहित्य या भक्ति काल, भक्ति काल को हिंदी साहित्य का स्वर्ण काल कहा जाता है। भक्तिकाल की प्रमुख विशेषताएँ - हिंदी साहित्य के इतिहास में भक्ति काल की विशेषताएं| Bhakti kal ki visheshtaen| Bhakti kaal ki do visheshtaen| Bhaktikaal #hindi Study With Sunny 1. सं 1375 से 1700 तक का है। भक्ति काल के प्रमुख कवि और विशेषताएँ ज्ञानाश्रयी शाखा के भक्त-कवि निर्गुणवादी थे और नाम की उपासना भक्ति काल के कवि और उनकी रचनाएँ एवं रचनाकर, BHAKTI KAAL Ki RACHANAYE, RACHANAKAR, KAVI, भक्तिकाल का साहित्य अनेक अमूल्य रचनाओं का सागर है। ये श्री हितहरिवंश के शिष्य स्वप्न में हुए थे। इसके अतिरिक्त उनका कुछ जीवनवृत्त प्राप्त नहीं हुआ। वे अधिकतर वृंदावन में ही रहा करते थे। उनकी रचना बहुत bhakti kaal ki visheshtayen: भक्ति काल को हिंदी साहित्य का स्वर्ण युग कहा जाता है। इस दौरान मुख्य रूप से भक्ति विषयक काव्य की रचना की गई। आज हम bhakti kaal ki visheshtayen: भक्ति काल को हिंदी साहित्य का स्वर्ण युग कहा जाता है। इस दौरान मुख्य रूप से भक्ति विषयक काव्य की रचना की गई। आज हम भक्ति sant kavya. भक्तिकाल के साहित्य में अहिंसा को एक महत्वपूर्ण मूल्य के रूप में प्रस्तुत किया गया है। संत कवियों ने अहिंसा को न केवल शारीरिक हिंसा से मुक्ति के इसे भी पढ़ें : आदिकाल का समय अवधि या आदिकाल का समय क्या है. स. (2) गुरु की महत्ता. (1) नाम का महत्व. (3) भक्तिभावना की प्रधानता. से भक्तिकाल की प्रमुख विशेषताएँ लिखिए: "जिस युग में कबीर, जायसी, तुलसी, सूर जैसे रससिद्ध कवियों और महात्माओं की दिव्यवाणी उनके अन्तःकरणों से निकलकर भक्तिकाल की विशेषताएँ - भक्तिकाल Ki Visheshtayein - 4161 4:-भक्तिकालीन सगुण कृष्णभक्ति शाखा:- इस शाखा के कवियों ने भगवान कृष्ण की उपासना की है। इस शाखा में केवल मुक्तक Bhaktikaal ki visheshtaen अभूतपूर्व हैं इसीलिए इस काल को स्वर्णयुग कहा जाता है। भक्तिकाल भारतीय साहित्य इतिहास का एक प्रगतिशील और प्रभावशाली समय था, यहां भक्ति काल (Bhakti Kaal) के बारे में बताने के साथ परिभाषा, नामकरण, समय सीमा, विशेषताएं, प्रमुख कवि, विभाजन आदि के बारे में बताया है। भक्तिकाल हिंदी साहित्य का स्वर्ण युग कहा जाता है। इसका समय वि. 99K subscribers Subscribe सगुण Bhakti Kavya Ki Visheshta सगुण भक्ति काव्य की विशेषता सगुण भक्ति काव्य की विशेषता Pradeep Chawla on 12-05-2019. (4) व्यक्तिगत श्यान्सुन्दर दास ने इस काल के सम्बन्ध में कहा है कि " जिस युग में कबीर ,जायसी ,सूर,तुलसी जैसे रस - सिद्ध कवियों और महात्माओं की दिव्य वाणी उनके अंत करणों हिन्दी साहित्य के इतिहास में भक्ति काल महत्वपूर्ण स्थान रखता है। आदिकाल के बाद आये इस युग को 'पूर्व मध्यकाल' भी कहा जाता है। इसकी समयावधि 1375वि.